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Monday, 17 June 2019

#क्षत्रिय_महिलाएं_भी_वीरता_में_पुरुषों_से_कम_नही


                             
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राजपूतो में स्त्रियों का बड़ा आदर होता है, ओर राजपूत स्त्रिया भी वीरपत्नी या वीरमाता कहलाने में खुद को गोरवान्वित महसूस करती थी !! उन वीरांगनाओं का पतिव्रत धर्म , शूरवीरता ओर साहस तो जगतविख्यात है । इसके ना जाने कितने असंख्य उदारहण इतिहास है मौजूद है ।
इसकी कुछ घटनाओ का जिक्र में करती हूँ, जब राजा दाहिर वीरतापूर्वक लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे, ओर कासिम ने सिंध पर अधिकार कर लिया, तो दाहिर का एक पुत्र डरकर बिना युद्ध किये भाग आया ! लेकिन दाहिर की पत्नी कुछ हजार सैनिको के साथ मिलकर पहले तो कुछ समय लड़ी, लेकिन वाद में पराजय बिल्कुल नजदिग देखकर उन्होंने जोहर किया !!
महाराणा रायमल के पुत्र पृथ्वीराज की पत्नी का अपने पति के साथ जाकर पठानों से युद्ध करना तो जगत विख्यात है ।
रायसेन का राजा सलहदी तंवर जब बहादुरशाह गुजराती के साथ युद्ध मे हारकर जब मुसलमान हो गया , तो बहादुरशाह ने तोपों से उसके गढ़ पर हमला करना शुरू कर दिया ! तब मुसलमान बने उस पूर्व राजपूत ने कहा आप स्त्रियों और बच्चो को ना सताएं , में अंदर जाकर उन्हें समझाता हूँ, की वो इस्लाम ग्रहण करें !!
अंदर दुर्गावती उनकी पत्नी, जो राणा सांगा की पुत्री थी, उसने अपनी पति की बात सुनते ही उसे धिक्कारना शुरू किया !! " ऐसी निर्ज्जता से तो मर जाना ही अच्छा है, खुद हाथों में तलवार लेकर उसने अपने पति और उस मुसलमान अफसर का सिर धड़ से अलग कर दिया, जो साथ मे अंदर आया था, बाद में उस वीरांगना ने जोहर किया !! जोहर का पालन भी दुर्गावती ने कायरतापूर्वक प्राण त्यागकर नही किया था !! पहले 100 सगे संबंधियों के साथ वो मुसलमानो से खूब लड़ी ! हजारो मस्तक काट के जोहर की अग्नि में प्रवेश किया !!
मारवाड़ के राजा जसवंतसिंह जब ओरेंगेजब से युद्ध हारकर आये थे, तो उनकी पत्नियों ने अपने कक्ष का दरवाजा तक उनके लिए नही खोला था, उनका साफ कहना था, राजपूत स्त्रियां केवल " विजय या वीरगति " में ही विश्वास रखती है !!
रानी पद्मिनी ने भी कोई जोहर आसानी से हथियार डालकर नही किया था, रति के समान सुंदर उन कोमल कन्या ने 3 दिन तक खड्ग ढाल उठाकर कई मल्लेछो को मौत के घाट उतारा था !!
यह राजपूतो में पर्दे की प्रथा थी ही नही !! राजमहल में वो सिंहनी की भांति अपने पति के साथ बराबर में आकर बेठती थी ! यह प्रथा तो मुसलमानो की कुद्रष्टि उनपर नही पड़े , इसलिए चल पड़ी ! हिन्दुओ को चरित्र कभी इतना गिरा हुआ नही था, की स्त्रियां पर्दे के पीछे रहें !!

Saturday, 15 June 2019

वक्त_है_बदलाव_का

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मैं नहीं सिखा पाऊँगी अपनी बेटी को बर्दाश्त करना एक ऐसे आदमी को जो उसका सम्मान न कर सके।
कैसे सिखाए कोई माँ अपनी फूल सी बच्ची को कि पति की मार खाना सौभाग्य की बात है?
मैंने तो सिखाया है कोई एक मारे तो तुम चार मारो।
हाँ, मैं बेटी का घर बिगाड़ने वाली बुरी माँ हूँ, .........
लेकिन नहीं देख पाऊँगी उसको दहेज के लिए बेगुनाह सा लालच की आग में जलते हुए।
मैं विदा कर के भूल नहीं पाऊँगी, अक्सर उसका कुशल पूछने आऊँगी। हर अच्छी-बुरी नज़र से, ब्याह के बाद भी उसको बचाऊँगी।
बिटिया को मैं विरोध करना सिखाऊँगी।
ग़लत मतलब ग़लत होता है, यही बताऊँगी। देवर हो, जेठ हो, या नंदोई, पाक नज़र से देखेगा तभी तक होगा भाई।
ग़लत नज़र को नोचना सिखाऊँगी, ढाल बनकर उसकी ब्याह के बाद भी खड़ी हो जाऊँगी।
“डोली चढ़कर जाना और अर्थी पर आना”, ऐसे कठिन शब्दों के जाल में उसको नहीं फसाऊँगी।
बिटिया मेरी पराया धन नहीं, कोई सामान नहीं जिसे गैरों को सौंप कर गंगा नहाऊँगी।
अनमोल है वो अनमोल ही रहेगी।
रुपए-पैसों से जहाँ इज़्ज़त मिले ऐसे घर में मैं अपनी बेटी नहीं ब्याहुँगी।
औरत होना कोई अपराध नहीं, खुल कर साँस लेना मैं अपनी बेटी को सिखाऊँगी।
मैं अपनी बेटी को अजनबी नहीं बना पाऊँगी।
हर दुःख-दर्द में उसका साथ निभाऊँगी, ज़्यादा से ज़्यादा एक बुरी माँ ही तो कहलाऊँगी।
#वक्त_है_बदलाव_का 






Monday, 13 May 2019

तुम_छेड़ो__हम_देखेंगे!


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#तुम_छेड़ो__हम_देखेंगे!"
___________________
दिन दहाड़े, खुली सड़क पर #बलात्कार होता है और लोग कुछ नहीं करते. क्या इस पर हमें हैरान होना चाहिए? जब #द्रौपदी की साड़ी उतारी गयी थी, तब भी कहां किसी ने कुछ किया था!
दिन दहाड़े, खुली सड़क पर बलात्कार होता है और हम सोचते हैं कि लोग कुछ नहीं करते.......
नहीं रे बहुत कुछ करते हैं.. #वीडियो बनाते हैं, तकनीक ने लोगो के हाथ में ये जो #खिलौनाथमा दिया है, उसका इस्तेमाल तो करना ही होगा ना. कभी #अश्लील वीडियो देख कर, तो कभी अश्लील वीडियो बना कर।
सरे आम इस तरह रेप हो सकता है, ये पढ़ कर रूह कांप उठती है. सोचो अगर आप वहां होते तो क्या करते, तो लोग जवाब भी यही देते हैं कि हम किसी #पंगे में नहीं पड़ेंगे, चुपचाप वहां से निकल जाएंगे.
यह किस तरह के समाज में जी रहे हैं हम? छोटी मोटी #छेड़छाड़ को नजरअंदाज करते करते आज खुले आम सड़क पर बलात्कार की स्थिति पैदा हो गयी है।
यानि एक महिला होने के नाते अगर आप आवाज उठा दें, तो कभी आप अपने #घर का, कभी #समाज का, तो कभी देश का नाम #बदनाम कर रही हैं. लेकिन जो लोग आप के साथ ये हरकत कर रहे हैं या हो रही हरकत को देख कर नजरअंदाज कर देते हैं, उनका इस बदनामी में कोई योगदान नहीं है।
इस तरह की #टिप्पणियों से लोगों की यह दलील भी समझ में आने लगती है कि वे #बेटियों के पैदा होने से इसलिए डरते हैं कि आखिर उनकी #हिफाजत कौन करेगा. एक बच्ची की मां को पल पल उसकी हिफाजत की चिंता लगी रहती है. जब कोई उसे #गोद में उठाता है, तो माँ की नजरें उनकी #उंगलियों को ध्यान से देख रही होती हैं।
सरकार #बेटी_बचाओ__बेटी_पढ़ाओ के सिर्फ नारे ही दे सकती है. लेकिन जब तक लोगों की #मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक कोई सरकार किसी बेटी को नहीं बचा सकेगी. और मानसिकता तो यही है:----
"तुम छेड़ो, हम देखेंगे."

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जो कर सको तो इतना करना


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करने की हिम्मत है तो सरे रास्ते खुल जाते हैं
अरे ओ लड़कियो
जो कर सको तो इतना करना,
कि तुम्हारी अगली आने वाली नस्लों की हर बेटी को,
खिलौने के नाम पर बस किचन सेट ना मिले,
तुम उन्हें भी बंदूकों से खेलने देना।
जो कर सको तो इतना करना,
कि चाहे रोटी गोल बनाना ना सिखा सको उसको,
जूडो कराटे सिखा देना,
ताकि आँखों में आँखें डाल मुँह नोच सके वो,
वहशी हैवानों, दरिंदों का।
सुनो लड़कियों,
जब माँ बनो बरसों बाद,
तो याद करना वो सारे लम्हें,
जब माँ ने मुँह फेर लेने को कहा था,
जब दादी ने किसी से ना कहने को कहा था,
जब आँखों ही आँखों में दी घुड़की से सहमी थी तुम,
जब किसी अधेड़ ने बेशर्मी से हँसते हुए छुआ था,
उन अनगिनत लम्हों को बेबाकी से गिना देना तुम,
आने वाली नस्ल के हर ‘नर’ और बेटियों को,
ताकि बेटियाँ चुप ना रहना सीखें,
ताकि नर, बेटे बनना सीखें,
तुम इन लम्हों को यूँ ही ज़ाया मत होने देना।
और कर सको तो ये भी करना,
कि जब तुम्हारा लाडला चिराग,
थोड़ी सी चोट खाकर रोने लगे,
तो कोई ये ना कहे उसको,
‘लड़की है क्या? बात बात पर रो देता है’
सुनो तुम उसे रोना ज़रूर सिखा देना।
जो कर सको तो अपने लाडले के कॉलेज के पहले दिन ही,
समझाना उसे बिठा, बेझिझक और बेबाक
कि उसकी और उसके जैसे लाडलों की
माँओं, चाचियों और दीदियों ने क्या सहा है,
उनको किसने, कैसे, कब और कहाँ जबरदस्ती छुआ है,
तुम उसे इस नस्ल के मर्दों सा मत होने देना।
सुनो लड़कियों,
जो कर सको तो इतना करना,
कि टोक सको अपने प्रेमियों, पिताओं और भाइयों को हर गाली पर,
कि किसी से कपड़ों से उसकी तरफ़ बढ़ने से हिचकें तुम्हारे दोस्त,
कि अनसुना ना करो अपने बेटे के दोस्तों के मजाक,
कि आटा, सब्जियों और चावल की मात्रा तय करने तक ना रह जाये तुम्हारी भूमिका घर में,
जो कर सको तो इतना करना,
कि हमारी आने वाली नस्ल बेहतर बन सके,
कि आने वाली दुनिया इतनी घिनौनी ना हो,
कि बेटियों के लिए अभ्यारण्य ना बनाने पड़ें,]
कि इंसानियत हर पल घुटती ना हो।
अरे ओ लड़कियो कर सको तो इतना करलो
कि हो सके तो इस दुनिया को अपने लायक बना लेना


हाँ मालूम हैं मुझे अपने अधिकार


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आज के युग मे औरत कमज़ोर नही होती उसको अपने जीवन मे बोलने का अपनी जीवन मे खुश रहने का पूरा हक हैं !
हाँ हूँ मैं शिक्षित 
#हाँ मालूम हैं मुझे अपने अधिकार 
हाँ जानती हूँ मैं कि शोषण करने वाले से बड़ा गुनहगार सहने वाला होता हैं .....
कई बार कदम रखती हूँ देहलीज के बाहर कि आवाज़ उठाऊ शोषण के खिलाफ ,
पर याद आ जाता हैं कि ....
मैं एक महान और सिद्धांतवादी पिता की बेटी हूँ
मैं एक आदर्शवादी माँ की बेटी हूँ
मैं समाज में अपनी प्रतिष्ठा बनाएँ भाई की बहन हूँ
मैं अपनी प्यारी भतीजियों की प्यारी बुआ हूँ
फिर कैसे मैं अपनी वजह से उनके दामन में दाग लग़ा दूँ ,इसलिये अक्सर कदम रुक जाते हैं ....
हाँ मैं अपने अधिकार जानती हूँ पर चुप हूँ क्योंकि
मैं एक बेटी हूँ ,बहन हूँ ,बुआ हूँ और शायद दो घरों की इज्जत हूँ बस यही मेरी कमजोरी हैं पर कमज़ोर नहीँ हूँ मैं ......!!
"बेटियाँ खुद टूट जाती है ,पर अपने मा -बाप का मान नही टूटने देती



Sunday, 12 May 2019

अरे बुढिया तू यहाँ न आया कर


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“ अरे बुढिया तू यहाँ न आया कर , तेरा बेटा तो चोर-डाकू था, इसलिए गोरों ने उसे मार दिया“
जंगल में लकड़ी बिन रही एक मैली सी धोती में लिपटी बुजुर्ग महिला से वहां खड़ें भील ने हंसते हुए कहा .
“ नही चंदू ने आजादी के लिए कुर्बानी दी हैं “ बुजुर्ग औरत ने गर्व से कहा।
उस बुजुर्ग औरत का नाम #जगरानी_देवी था और इन्होने पांच बेटों को जन्म दिया था, जिसमे आखरी बेटा कुछ दिन पहले ही शहीद हुआ था।
उस बेटे को ये माँ प्यार से चंदू कहती थी और दुनियां उसे “ आजाद “ जी हाँ ! #चंद्रशेखर_आजाद के नाम से जानती हैं।
हिंदुस्तान आजाद हो चुका था , आजाद के मित्र #सदाशिव_राव एक दिन आजाद के माँ-पिता जी की खोज करतें हुए उनके गाँव पहुंचे।
आजादी तो मिल गयी थी लेकिन बहुत कुछ खत्म हो चुका था।
चंद्रशेखर आज़ाद की शहादत के कुछ वर्षों बाद उनके पिता जी की भी मृत्यु हो गयी थी।
आज़ाद के भाई की मृत्यु भी इससे पहले ही हो चुकी थी।
अत्यंत निर्धनावस्था में हुई उनके पिता की मृत्यु के पश्चात आज़ाद की निर्धन निराश्रित वृद्ध माताश्री उस वृद्धावस्था में भी किसी के आगे हाथ फ़ैलाने के बजाय जंगलों में जाकर लकड़ी और गोबर बीनकर लाती थी तथा कंडे और लकड़ी बेचकर अपना पेट पालती रहीं।
लेकिन वृद्ध होने के कारण इतना काम नहीं कर पाती थीं कि भरपेट भोजन का प्रबंध कर सकें।
कभी ज्वार कभी बाज़रा खरीद कर उसका घोल बनाकर पीती थीं क्योंकि दाल चावल गेंहू और उसे पकाने का ईंधन खरीदने लायक धन कमाने की शारीरिक सामर्थ्य उनमे शेष ही नहीं थी।
शर्मनाक बात तो यह कि उनकी यह स्थिति देश को आज़ादी मिलने के 2 वर्ष बाद (1949 ) तक जारी रही।
#चंद्रशेखर_आज़ाद जी को दिए गए अपने एक वचन का वास्ता देकर #सदाशिव जी उन्हें अपने साथ अपने घर झाँसी लेकर आये थे, क्योंकि उनकी स्वयं की स्थिति अत्यंत जर्जर होने के कारण उनका घर बहुत छोटा था अतः उन्होंने आज़ाद के ही एक अन्य मित्र #भगवान_दास_माहौर के घर पर आज़ाद की माताश्री के रहने का प्रबंध किया था और उनके अंतिम क्षणों तक उनकी सेवा की।
मार्च 1951 में जब आजाद की माँ जगरानी देवी का झांसी में निधन हुआ तब सदाशिव जी ने उनका सम्मान अपनी माँ के समान करते हुए उनका अंतिम संस्कार स्वयं अपने हाथों से ही किया था।
आज़ाद की माताश्री के देहांत के पश्चात झाँसी की जनता ने उनकी स्मृति में उनके नाम से एक सार्वजनिक स्थान पर पीठ का निर्माण किया।
प्रदेश की तत्कालीन सरकार (प्रदेश में कंग्रेस की सरकार थी और मुख्यमंत्री थे गोविन्द बल्लभ पन्त) ने इस निर्माण को झाँसी की जनता द्वारा किया हुआ अवैध और गैरकानूनी कार्य घोषित कर दिया।
किन्तु झाँसी के नागरिकों ने तत्कालीन सरकार के उस शासनादेश को महत्व न देते हुए चंद्रशेखर आज़ाद की माताश्री की मूर्ति स्थापित करने का फैसला कर लिया।
मूर्ति बनाने का कार्य चंद्रशेखर आजाद के ख़ास सहयोगी कुशल शिल्पकार #रूद्र_नारायण_सिंह जी को सौपा गया। उन्होंने फोटो को देखकर आज़ाद की माताश्री के चेहरे की प्रतिमा तैयार कर दी।
जब सरकार को यह पता चला कि आजाद की माँ की मूर्ती तैयार की जा चुकी है और सदाशिव राव, रूपनारायण, भगवान् दास माहौर समेत कई क्रांतिकारी झांसी की जनता के सहयोग से मूर्ती को स्थापित करने जा रहे है तो उसने अमर बलिदानी चंद्रशेखर आज़ाद की माताश्री की मूर्ति स्थापना को देश, समाज और झाँसी की कानून व्यवस्था के लिए खतरा घोषित कर उनकी मूर्ति स्थापना के कार्यक्रम को प्रतिबंधित कर पूरे झाँसी शहर में कर्फ्यू लगा दिया।
चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई ताकि अमर बलिदानी चंद्रशेखर आज़ाद की माताश्री की मूर्ति की स्थापना ना की जा सके।
जनता और क्रन्तिकारी आजाद की माता की प्रतिमा लगाने के लिए निकल पड़ें।
अपने आदेश की झाँसी की सडकों पर बुरी तरह उड़ती धज्जियों से तिलमिलाई तत्कालीन सरकार ने अपनी पुलिस को सदाशिव को गोली मार देने का आदेश दे डाला
किन्तु आज़ाद की माताश्री की प्रतिमा को अपने सिर पर रखकर पीठ की तरफ बढ़ रहे सदाशिव को जनता ने चारों तरफ से अपने घेरे में ले लिया।
जुलूस पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया।
सैकड़ों लोग घायल हुए, दर्जनों लोग जीवन भर के लिए अपंग हुए और कुछ लोग की मौत भी हुईं।
(हालांकि मौत की पुष्टि नही हुईं )
चंद्रशेखर आज़ाद की माताश्री की मूर्ति स्थापित नहीं हो सकी।
आजाद हम आपको कौन से मुंह से आपको श्रद्धांजलि दें ?
जब हम आपकी माताश्री की 2-3 फुट की मूर्ति के लिए उस देश में 5 फुट जमीन भी हम न दे सकें।
जिस देश के लिए आप ने अपने प्राणों का बलिदान दे दिया



महाराणा प्रताप के देहान्त के कुछ वर्षों बाद लिखे गए ग्रन्थ 'राणा रासौ' में लिखा है


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"राणा प्रताप सोनगिरी रानी से उत्पन्न हुआ और संसार में अद्वितीय वीर माना गया | वह दानी एवं युद्ध में शत्रुओं को दलने वाला था | प्रतापसिंह अपना प्रताप स्वयं फैलाने वाला था | उसमें अक्षुण्ण रजोगुण विद्यमान था | इस संसार में जैसा राणा प्रताप हुआ है, वैसा ना अब तक कोई हुआ और न कभी होगा | राणा प्रताप युधिष्ठिर के समान सत्यवक्ता, दधीचि के समान उदारवृद्धि, दशरथ के समान पुरुषार्थी, भीम के समान युद्ध करने वाला, रावण के समान स्वाभिमानी एवं राम के समान प्रणपालक था | वह भारतवर्ष में विक्रम, भोज, कर्ण व सूर्य स्वरुप माना जाता है | राजागण उसको अपना शिरोमणि मानते थे | प्रताप नरेश हिन्दुओं का अडिग ताज था | हे प्रताप तुम युग-युग जीवित रहो | तुम्हारे स्मरण मात्र से पाप दूर हों | तुम भगवान एकलिंग के द्वितीय अंग माने जाते रहो, हिन्दुओं के पिता बने रहो"

Saturday, 11 May 2019

जो कर सको तो इतना करना

करने की हिम्मत है तो सरे रास्ते खुल जाते हैं
अरे ओ लड़कियो
जो कर सको तो इतना करना,
कि तुम्हारी अगली आने वाली नस्लों की हर बेटी को,
खिलौने के नाम पर बस किचन सेट ना मिले,
तुम उन्हें भी बंदूकों से खेलने देना।
जो कर सको तो इतना करना,
कि चाहे रोटी गोल बनाना ना सिखा सको उसको,
जूडो कराटे सिखा देना,
ताकि आँखों में आँखें डाल मुँह नोच सके वो,
वहशी हैवानों, दरिंदों का।
सुनो लड़कियों,
जब माँ बनो बरसों बाद,
तो याद करना वो सारे लम्हें,
जब माँ ने मुँह फेर लेने को कहा था,
जब दादी ने किसी से ना कहने को कहा था,
जब आँखों ही आँखों में दी घुड़की से सहमी थी तुम,
जब किसी अधेड़ ने बेशर्मी से हँसते हुए छुआ था,
उन अनगिनत लम्हों को बेबाकी से गिना देना तुम,
आने वाली नस्ल के हर ‘नर’ और बेटियों को,
ताकि बेटियाँ चुप ना रहना सीखें,
ताकि नर, बेटे बनना सीखें,
तुम इन लम्हों को यूँ ही ज़ाया मत होने देना।
और कर सको तो ये भी करना,
कि जब तुम्हारा लाडला चिराग,
थोड़ी सी चोट खाकर रोने लगे,
तो कोई ये ना कहे उसको,
‘लड़की है क्या? बात बात पर रो देता है’
सुनो तुम उसे रोना ज़रूर सिखा देना।
जो कर सको तो अपने लाडले के कॉलेज के पहले दिन ही,
समझाना उसे बिठा, बेझिझक और बेबाक
कि उसकी और उसके जैसे लाडलों की
माँओं, चाचियों और दीदियों ने क्या सहा है,
उनको किसने, कैसे, कब और कहाँ जबरदस्ती छुआ है,
तुम उसे इस नस्ल के मर्दों सा मत होने देना।
सुनो लड़कियों,
जो कर सको तो इतना करना,
कि टोक सको अपने प्रेमियों, पिताओं और भाइयों को हर गाली पर,
कि किसी से कपड़ों से उसकी तरफ़ बढ़ने से हिचकें तुम्हारे दोस्त,
कि अनसुना ना करो अपने बेटे के दोस्तों के मजाक,
कि आटा, सब्जियों और चावल की मात्रा तय करने तक ना रह जाये तुम्हारी भूमिका घर में,
जो कर सको तो इतना करना,
कि हमारी आने वाली नस्ल बेहतर बन सके,
कि आने वाली दुनिया इतनी घिनौनी ना हो,
कि बेटियों के लिए अभ्यारण्य ना बनाने पड़ें,]
कि इंसानियत हर पल घुटती ना हो।
अरे ओ लड़कियो कर सको तो इतना करलो
कि हो सके तो इस दुनिया को अपने लायक बना लेना.


## एक ख्वाहिश बहन की ##



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अरे ठीक है बैठ, इधर उधर मत हिल, वैसे भी देर हो रही है तेरे स्कूल की, जल्दी से बाल बना लेने दे मुझे ।
रश्मि - मुझे दर्द हो रहा है भैया 😢😢
Prince - अरे पागल.. इतने हल्के से तो कंघी पकड़ा हूँ फिर दर्द कैसा ।
रश्मि - आपने मेरे दोनों गाल पिचका दिये है भैया 😢😢
Prince - ओह तेरी तो, मुझे माफ कर दे मेरी गुड़िया, मैं तूझे तैयार करने के चक्कर मे भुल ही गया था
रश्मि - कोई बात नही भैया।
भैया? एक बात बोलू?
Prince - एक नहीं दो बातें बोल।
रश्मि - कल न स्कूल मे एक लड़का छेड़ रहा था मुझे 😢
Prince गुस्से मे- क्या? तू मुझे अभी बता रही है? बोल, जल्दी बोल नाम । जल्दी, उसे भी पता तो चले की उसने किसकी बहन को छेड़ा है ।
जिंदा नहीं छोडूगां###### को,
Prince और जोर चिल्लाकर कहता है
चुप क्यों है तू? बोल जल्दी बोल । जब तक मैं उसको उसकी औकात नहीं दिखा दू तब तक मैं तेरा भाई नहीं ।
रश्मि - मैने जब उसको डांटा की तुझे शर्म नहीं आती हम लडकीयो को छेडते हुए?
तो उसने क्या कहा पता है भैया?
Prince - तू आज अपने भाई को पागल करके छोडेगी, बस नाम बता और अंजाम देख उसका,
मगर रश्मि अपने भाई Prince की बातों को नजरअंदाज करते हुये कहती है,
तेरा भाई Prince तो लड़कीयो को छेड़ने मे मास्टर है😢
इतना सुनते ही Prince एकदम से खामोश हो जाता है। शायद दूसरा कोई कहता तो जवाब दे देता मगर ये बात उसकी बहन ने कहा थी जिसे वह जान से भी ज्यादा प्यार करता है।
अपने भाई को चुप देखकर रश्मि कहती है..
भैया? क्या नाम बता दू उसका?
Prince अपनी बहन को गले लगाकर बोलता है
नहीं रे पगली, आज नहीं,
क्योंकि आज सबसे बड़ा गुनाहागर सिर्फ तेरा भाई है उसे इतना भी पता नहीं कि शिशे के घरों पर रहने वाले दूसरों के घर मे पत्थर नहीं मारा करते😢
रश्मि अपने भाई को गले लगाकर कहती है कि मुझे किसी ने नहीं छेड़ा था भैया
मगर मैंने कल देखा था आपको आप अपने दोस्तों के साथ रास्ते मे कुछ लड़कियों को छेड़ रहे थे,
वह भी लड़की है और मैं भी हूँ
मैं आपके पास महफूज हूँ मगर बाहर नहीं
वैसे ही उनका भी हाल है।
ये बलात्कार छेड़छाड़ हत्या या प्रेम जाल मे फसाकर कोठे मे लड़की को बेचना,
भले मर्द होता है वह मगर उनके घर मे भी तो हम जैसी बहन और माँ तो होगी न,
फिर दो सोच के साथ एक जिंदगी कैसे जिते है लोग ।
मैं चाहती हूँ मेरा भाई दूसरों की नजर मे न सही मगर अपनी बहन और ईश्वर की नजर मे हमेशा बेदाग रहे😢
और आज एक वादा भी करो तुम अपनी बहन से।
Prince - बोल बहन कैसा वादा?
रश्मि - आप जब भी बाहर से आओगे मुझसे जरूर नजर उठाके मिलाना
Prince - ठीक है मिलाउंगा मगर पूछ सकता हूँ क्यों?
रश्मि - क्योंकि हर अच्छा बेटा और हर अच्छा भाई जब बाहर से किसी लड़की को गलती से भी छेड़ देता है
वह घर आके कभी भी अपनी माँ और बहन से सिधे नजर मिलाके बात नही कर सकता।
Prince - नजर तो क्या पागल हर रोज तुझसे नजर मिलाके निकलूंगा ताकी मुझे ये एहसास हो कि
घर मे मेरी भी एक बहन है😢
 इंसान कभी बुरा नहीं होता साहब
बस सोच का फर्क होता है और येही सोच हमे बुरा बना देती है, वरना शरीर की बनावट तो सब नारीयो की एक जैसी होती है, चाहे अपनी बहन की हो या दूसरों की बहन


#एक_दिल_दहला_देने_वाली_हकीकत


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एक घर के मोबाइल नम्बर पर “रॉंग नम्बर” से कॉल आई.. घर की एक औरत ने कॉल रिसीव की तो सामने से किसी अनजान शख्स की आवाज़ सुनकर उसने कहा ‘सॉरी रॉंग नम्बर’ और कॉल डिस्कनेक्ट कर दी.. उधर कॉल करने वाले ने जब आवाज़ सुनी तो वो समझ गया कि ये नम्बर किसी लड़की का है, अब तो कॉल करने वाला लगातार रिडाइल करता रहता है पर वो औरत कॉल रिसीव न करती। फिर मैसेज का सिलसिला शुरू हो गया जानू बात करो न!! मोबाइल क्यूँ रिसीव नहीं करती..?
एक बार बात कर लो यार! उस औरत की सास बहुत मक्कार और झगड़ालू थी.. इस वाक़ये के अगले दिन जब मोबाइल की रिंग टोन बजी तो सास ने रिसीव कर लिया.. सामने से उस लड़के की आवाज़ सुनकर वो शॉक्ड रह गई, लड़का बार बार कहता रहा कि जानू! मुझसे बात क्यूँ नहीं कर रही, मेरी बात तो सुनो प्लीज़, तुम्हारी आवाज़ ने मुझे पागल कर दिया है, वगैरह वगैरह… सास ने ख़ामोशी से सुनकर मोबाइल बंद कर दिया जब रात को उसका बेटा घर आया तो उसे अकेले में बुलाकर बहू पर बदचलनी और अंजान लड़के से फोन पर बात करने का इलज़ाम लगाया..
पति ने तुरन्त बीवी को बुलाकर बुरी तरह मारना शुरू कर दिया, जब वो उसे बुरी तरह पीट चुका तो माँ ने मोबाइल उसके हाथ में दिया और कहा कि इसी में नम्बर है तुम्हारी बीवी के यार का.. पति ने कॉल डिटेल्स चेक की फिर एक एक करके सारे अनरीड मैसेज पढ़े तो वो गुस्से में बौखला गया.. उसने तुरन्त बीवी को रस्सी से बाँधा और फिर से बेतहाशा पीटने लगा और उधर माँ ने लड़की के भाई को फोन किया और कहा कि हमने तुम्हारी बहन को अपने यार से मोबाइल पर बात करते और मैसेज करते हुवे पकड़ लिया है.. जिसने तुम्हारी इज्जत की धज्जियां उड़ा दी है..!!
खबर सुनकर लड़की की माँ और भाई भी वहाँ पहुंच गए ...पति और सास ने इल्जाम लगाए और ताने मारे तो लड़की के भाई ने उसे बाल पकड़कर खुब पीटा ...लड़की कसमे खाती रही झूठे इल्जाम के लिए चीखती चिलाती रही, अपनी जाहिल और और शैतान सास और पति के आगे बेबस रही ...........
लड़की की माँ ने अपनी बेटी से कहा कि भारतीय होकर गीता पर हाथ रखकर कसम खाओ तो उसने नहाकर फौरन गीता पर हाथ रखकर कसम खाई , मगर शैतान सास ने इसे भी नकार दिया और कहा जो अपने पति से गदारी कर सकती हैं उसके लिए गीता पर हाथ रखकर कसम खाना कौन सी बड़ी बात है ...
इसके साथ पति ने सारे मैसेज लड़की के भाई को दिखा दिया जो लड़के ने किया था ..और सास ने चालाक और मक्कार कहकर आग पर घी डाल दिया ..लड़की के भाई को गुस्सा आया और उसका पारा सातवें आसमान पर जा पहुंचा उसने पिस्तौल निकाला और लड़की के सर में चार गोली मार दी इस तरह ' एक राग नम्बर ने एक खानदान उजाड़ दिए ' ...3 बच्चो को अनाथ कर दिया ...लड़की के दूसरे भाई को पता चला तो उसने अपने भाई लड़की के पति उसके सास और राग नम्बर पर फिर कर दिया ..
पुलिस और साईबर ने जब राग नम्बर कि जाच कि तो पता चला तो कि लड़की ने बस एक बार उस राग नम्बर का काल रिसीव कि थी और उसके बाद वो उस नम्बर से काल और मैसेज करते के लड़की को फ़साने के चक्कर में लगा था ..सारी बाते साफ़ होने के बाद जब दूसरे भाई को पता चला जिसने अपने बहन को मारा था उसने जेल मे ही खुदाखुशी कर लिया और राग नम्बर से काल करने वाले लड़के पुलिस पकड़कर हावालात में डाल दिया और इस तरह एक राग नम्बर ने 3 दिनो में एक भारतीय दामन औरत और उसके तीन बच्चो से हमेशा के लिए अलग कर दिया और अगले 13 दिनों में 3 बच्चे को अनाथ और 3 खानदान तबाह और बर्बाद कर दिया..
जरा सोचिये और बताईये और कसुरवार कौन हैं..??
1.राग नम्बर वाला लड़का
2.मक्कार सास
3,शक्की और जाहिल और पति
4.गैरतमंद भाई
5. मोबाइल
आप सब लोग सोच कर जबाब जरुर दिजीएगा और वो पति और भाई लोग से सर्वनीय निवेदन है कि किसी भी औरत पर इल्जाम लगाने से पहले सच्चाई जान ले तब फ़ैसला करे क्योकि पत्निया और बेटिया ऎसी नहीं होती | और वो लोग जो राग नम्बर जान कर किसी महिला और लड़की के पास बार बार काल करते हैं , उन्हें सोचना चाहिए कि उनके घर मे भी एक माँ बहन और बेटी हैं !
सबका सम्मान करे
आप सब से निवेदन है किसी भी अनजाने नम्बर पे काल या मैसेज कर के परेशान मत करिये आपकी ये आदत किसी की जीवन को अभिशाप बना सकती हैं ll


#क्या_हुआ_?


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#क्या_हुआ_?👸
इतनी रात तक #Online हो.? 1 बज रहे है। नींद नही आ रही है क्या.?
पति घर पर नही है या बनती नही है उनसे.? ध्यान नही देते क्या तुमपे.?
जवाब नही दो तो-क्या हुआ.? #Busy हो कहीं। किसी और से बात कर रही हो.? 
या फिर कहेंगे हमसे भी बात कर लिया करो। इतने बुरे हैं क्या हम। सबसे तो करती हो।
तो इस सवाल का एक ही जवाब हैं.
#वो_एक_औरत_ हैं 👸
#लेकिन_एक_इंसान_भी_हैं 🙏
मुझे अपनी मर्जी से जीने का पूरा हक हैं।
मुझे जो-जो पसंद आता हैं मैं वो करती हूं
या फ़िर मुझे जिससे खुशी मिलती हैं वह करती हूं.
और मुझे ये सब आता भी हैं...
ये सब करने के पीछे ऐसा कोई कारण होता हैं...
ऐसा कुछ नही होता...
बस मुझे इन छोटी-छोटी चीजो से खुशी मिलती हैं।
जरूरी नही Fb पर सिर्फ चॅटिंग ही की जाए। कोई लेख, दीप की कोई अच्छी पोस्ट, या कोई सुविचार रात मे पढ़ना कोई गुनाह है क्या.? दिन भर की जद्दोज़हद के बाद यदि रात मे कुछ समय हम अपने लिए व्यतीत करे तो क्यो बुरा लगता है आप लोगो को।
वही काम आप करे तो हम तो सवाल नही उठाते।
फिर आप लोग क्यो.?
मुझे तो इसमें कोई बुराई नजर नही आती।
आपको भी जमता हैं, तो आप भी ये सब कीजिए
खूब देर रात #online रहिए,
और नही जमता तो....
किसी भी औरत के ऊपर बेमतलब के आरोप मत लगाइये
और किसी भी प्रकार का लेबल मत लगाइये उसके ऊपर
मैने इस पोस्ट पर सिर्फ उन अनपड़ जाहिल गवार लोगों की बात कही है, जो किसी भी लड़की य़ा औरत के लिए ऐसी छोटी ओर गंदी घटिया सोच रखते है..
#वक्त_है_बदलाव_का


#लडकियों_के_लिये_पोस्ट_है_सभी_पढे


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तुम और वो लड़की रात के तीसरे पहर चैट कर रहे हो।
बात करते करते तुम्हे कामुकता का अहसास होता है।
तुम बिना सोचे बिना एक पल गवाए उससे फोटो की मांग कर देते हो।
वो कहती है की वो नहीं दे सकती।
तुम अपने जिद्द पर अड़े रहते हो।
वो तुम्हे समझाने की कोशिश करती है।
तुम उसे तुमपर यकींन करने को कहते हो।
वो कहती है शादी के बाद देख लेना वो तुम्हारी ही तो है।
तुम फिर भी नहीं मानते।
फिर वो तुम्हे वेट करने को कहती है।
तुम बड़े सब्र से इंतज़ार करते हो।
फिर वो तस्वीरें भेज देती है।
तुम खुश हो जाते हो।
तुम उसे देख कर थोड़ी देर के ******** के बाद शांत हो जाते हो।
अब वो तस्वीरें तुम्हे भद्दी लगने लगती है।
फिर तुम अपने दोस्तों में रोब ज़माने के लिए उसकी तस्वीरें अपने दोस्तों को भेजते हो ये कह कर की वो देख कर डिलीट कर देंगे। लेकिन उनमे से कोई उसे कही और फॉरवर्ड कर देता है। फिर वो एक ऐसे हाथो में पहुँचता है जो उसे सोशल साइट पर उपलोड कर देता है
और तो और वो उसे टैग भी कर देता है।
वो उन तस्वीरों को देखती है।
तुम्हे मैसेज करती है और मिन्नतें करती है और डिलीट करने को कहती है। लेकिन तुम कहते हो की ये तुमने नहीं किया है।
वो फिर कहती है की तुम डिलीट कर दोगे तो वो तुम्हे और सारी तस्वीरें देगी।
तुम कहते हो की तुम्हे नहीं पता की वो तस्वीरें कैसे लीक हो गयी।
लोग अब उन तस्वीरों को लाइक और रियेक्ट करना शुरू करते है।
कुछ लोग गंदे कमेंट करते है ,कुछ बचाव करते है ,कुछ देख के उदास होते है,कुछ देख के हसंने लगते है।
उस लड़की की सहेलियाँ अब उसकी न्यूड तस्वीर देखती है ,कुछ हताश हो जाती है कुछ को बेहद ख़ुशी मिलती है।
कुछ उसके बचाव में कुछ कहती है लेकिन क्या फायदा लोग उसे देख चुके थे।
कुछ लोग उन तस्वीरों को शेयर कर देते है तो कुछ सेव कर लेते है तो कुछ उस लोग उसके रिलेटिव को फॉरवर्ड कर देते है।
अगले दिन वो स्कूल - कॉलेज जाती है।
उसे देख कर उसके ही साथी फब्तियां कसना शुरू करते है।
क्लास टीचर ने खड़ा हो कर सब कुछ क्लास के सामने ही बताने का आर्डर दे डाला है उसे अब।
लेकिन उसके मुंह से बोल नहीं निकल रहे।
आखिर में उसे प्रिंसिपल ऑफिस में सारे टीचरों के सामने लाया जाता है जहा वो सुन्न खड़ी है।
आखिर में उसके पेरेंट्स को बुलाया जाता है ,माँ बाप हाथ जोड़ते है लेकिन प्रिंसिपल को अपने स्कूल की इज्जत प्यारी है ,और इन बैठकों का रिजल्ट ये निकला की उसे स्कूल से निकाल दिया गया।
वो घर आयी ,और पहला काम ये हुआ की उसे जी भर कर पीटा गया ,पहले बाप ने पीटा फिर उसी भाई ने ..
उसका फ़ोन छीन लिया गया ,उसकी जिंदगी अब लगभग बर्बाद हो चुकी थी।
उसने कई दिनों तक कमरे में खुद को बंद रखने के बाद बाहर निकलने की सोची।
बाहर लोग उसे देख कर इशारे करने लगे थे ,उनकी फुसफुसाहट उसके कानो में गूंज की तरह थी।
वो घर वापस आ गयी।
बहुत सोचा उसने ,बहुत हिम्मत जुटाई मगर ख़ुदकुशी के अलावा कोई रास्ता नजर नहीं आया।
शायद यही उसे अब आराम दे सकता था।
उसने चूहे मारने की दवा ढुंढी और बिना एक पल गवाए गले में उतार लिया ,दस मिनट के अंदर वो इस दुनिया से निकल चुकी थी।
उसके माँ बाप ने उसके रूम का दरवाजा खटखटाया मगर कोई जवाब नहीं मिला। जब जवाब कुछ देर तक नहीं आया तो दरवाजा तोड़ा गया ,वो पलंग के एक कोने में मरी पड़ी थी।
उसकी लाश देख कर माँ बाप को तो पहले यकीन ही नहीं हुआ की अभी जो लड़की चल फिर रही थी ,लाश बन चुकी है।
रिलेटिव दोस्त सहेलियों टीचर सबको ये खबर जल्द ही मिल गयी उस लड़के को भी।
सभी को बुरा लगा उस लड़के को भी।
उसे पछतावा हुआ वो रोने लगा और खुद को कोसने लगा लेकिन वक़्त मुड़कर वापस कहा आता है।
उसकी लाश सफेद कफ़न में सबके सामने रखी थी , जो उसे देख कर फब्तियां कस रहे थे ,सभी रो रहे थे .
लेकिन अब उसे फर्क नहीं पड़ने वाला कुछ , वो अब जा चुकी है।
जिंदगी बिजली जैसी है ,आपका अपना भी इससे झटके दे सकता है।
इसे संभाल के इस्तमाल कीजियेगा तो ये रौशनी देगी ,जरा सी लापरवाही सब कुछ जला कर राख कर देगी।
सोशल मीडिया दो धारी तलवार है....
यहाँ लड़कियों को हर पल चौकन्ना रहना होगा..ज़रा सी चूक ज़िन्दगी भर का कलंक बन सकती


बेटे के जन्मदिन पर .....



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बेटे के जन्मदिन पर .....
रात के 1:30 बजे फोन आता है, बेटा फोन उठाता है तो माँ बोलती है....
*"जन्म दिन मुबारक लल्ला"*
बेटा गुस्सा हो जाता है और माँ से कहता है - सुबह फोन करती। इतनी रात को नींद खराब क्यों की? कह
कर फोन रख देता है।
थोडी देर बाद पिता का फोन आता है।
बेटा पिता पर गुस्सा नहीं करता, बल्कि कहता है ..." सुबह फोन
करते "
फिर पिता ने कहा - मैनें तुम्हे इसलिए फोन किया है कि तुम्हारी
माँ पागल है, जो तुम्हे इतनी रात को फोन किया।
वो तो आज से 25 साल पहले ही पागल हो गई थी। जब उसे डॉक्टर ने ऑपरेशन करने को कहा और उसने मना किया था। वो मरने के
लिए तैयार हो गई, पर ऑपरेशन नहीं करवाया।
रात के 1:30 को तुम्हारा जन्म हुआ। शाम 6 बजे से रात 1:30 तक वो प्रसव पीड़ा से परेशान थी ।
लेकिन तुम्हारा जन्म होते ही वो सारी पीड़ा भूल गय ।उसके ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा । तुम्हारे जन्म से
पहले डॉक्टर ने दस्तखत करवाये थे, कि अगर कुछ हो जाये, तो हम जिम्मेदार नहीं होंगे।
तुम्हे साल में एक दिन फोन किया, तो तुम्हारी नींद खराब हो गई......मुझे तो रोज रात को 25 साल से, रात के 1:30 बजे उठाती है और कहती है,
देखो हमारे लल्ला का जन्म इसी वक्त हुआ था।
बस यही कहने के लिए तुम्हे फोन किया था। इतना कहके पिता फोन
रख देते हैं।
बेटा सुन्न हो जाता है। सुबह माँ के घर जा कर माँ के पैर पकड़कर
माफी मांगता है....तब माँ कहती है, देखो जी मेरा लाल आ गया।
फिर पिता से माफी मांगता है, तब पिता कहते हैं .....आज तक ये कहती थी, कि हमे कोई चिन्ता नहीं;हमारी
चिन्ता करने वाला हमारा लाल है।
पर अब तुम चले जाओ, मैं तुम्हारी माँ से कहूंगा कि चिन्ता मत करो।
मैं तुम्हारा हमेशा की तरह आगे भी
ध्यान रखुंगा।
तब माँ कहती है -माफ कर दो,
बेटा है।
सब जानते हैं दुनियाँ में एक माँ ही है, जिसे जैसा चाहे कहो, फिर भी वो गाल पर प्यार से हाथ फेरेगी।
पिता अगर तमाचा न मारे, तो बेटा 
सर पर बैठ जाये। इसलिए पिता का सख्त होना भी जरुरी है।
माता पिता को आपकी दौलत नही, बल्कि आपका प्यार और वक्त चाहिए। उन्हें प्यार दीजिए। माँ की ममता तो अनमोल है।

Sunday, 17 March 2019

Confuion between Train 25910 and 15910 at NJP Station



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काल राते ता गजब भेल रहे महाराज , हम रहली रा न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर ट्रेन के इंतज़ार में डरभांगा तीनसुकिया एक्सप्रेस रहे 25910, आबे के समय रहे शाम के 5:55 में, ता हम सारा काम निपटा के साढ़े चार बजे ही स्टेशन पहुंच गेल रही ओला से, बाकी ट्रेन के स्टेटस देखाबते ना रहे, ना ऐप पर ना स्टेशन पर, ना कोनो बताबे ला तैयार रहे, सुनली रा कि आजकल ट्वीट के जवाब जल्दी मिला लेई ता हमहु भारतीय रेलवे आ पीयूष गोयल जी के ट्वीट कर के पूछली लेकिन मिडिल क्लास लोग के ता किस्मत भी मिडिल क्लास, मजाल कि रेपलाई आ जाओ |

हम हैरान परेशान एन्ने से ओन्ने कैले रही, ई बीच में एगो ओर ट्रेन 15910 अवध आसाम के अनऑउनस्मेंट भी आबैट रहे बाकी हमर ट्रेन के कोनो खोज खबर ना.. फेर रात के साढ़े दस बजे अवध आसाम के आबे के अनऑउनस्मेंट भेल एक लमर प्लैटफॉरम पर , हम सोचली की अब हमरो ट्रेन आईबे करी तनी देर में, बाकी झटका ता तब लगल जा डरभांगा तीनसुकिया के भी अनऑउनस्मेंट भेल, आ उहो ट्रेन एके लमर प्लेटफ़ारम पर.. हम ता ई टेंशन में रही कि कही कुछ गलती ना भे गेल की दुन्नू ट्रेन सेम टाइम पर एक्के प्लेटफ़ारम पर कैसे, बाकी जबले हम कुछ बुझती तब ता अवध आसाम आ के लग गेल प्लेटफ़ारम पर, आ अनऑउनस्मेंट भेल की डरभांगा तीनसुकिया भी आ गयी,

ए भाई, लागत रहे कि दिमाग फट के फ्लॉवर हो जायी, मामला समझे के चक्कर में ता ट्रेन के दु चक्कर मार देली, सोचली कि कोनो पसीनजर से पूछ लेबल जाओ, ई सोच अवाज लगावनी, चचा, ओ चचा, बाकी मरदे सुने ला तैयार ही ना, मन ता करलक कि मिर्ज़ापुर के मुन्ना त्रिपाठी भैया नियर एडिशनल वैल्यू के साथ चचा के आवाज लगा के देखूं कि तबले एगो सफाई कर्मचारी खुदे इंटेरेस्ट ले के बातइलाक कि भाई, चढ़ जा, दुन्नू एक्के ट्रेन है, ओन्ने से अवध असम लालगढ़ से आबा लेई और एन्ने से डरभांगा  तीनसुकिया चला लेई, आ समस्तीपुर में दुगो बोगी काट के अवध असम में जोड़ के एन्ने आबा लेई, मने कुछउओ करता है लोग, दुगो बोगी के लोग के पते ना कि रास्ता मे उनकर ट्रेन बदला जा ले, जेकर स्टेटस तक ना दिखे...

हम ता कसम खा लेली, भले प्लेटफ़ारम पर रात बिताएंगे, लेकिन उस ट्रेन से फिर नहीं जाएंगे 🤪🤪🚝🚄

खैर उतरे घड़ी ऊ सफाई कर्मचारी के बीस रुपया देली खुशी से ता उहो थनकू बोललक, हम भी मशीन नट बोल के चल देली 😂सालामति से नागालैंड पहुच गेली, ड्राइ है, ठीक है

 #tagautam #njpdairy #march2k19 #educatererindia.com #newjalpaigudi

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